Haryana Police : हरियाणा के हिसार में प्लॉट कबजाने से जुड़ा एक मामला सामने आया है।तीन आरोपियों की पूछताछ में डीएसपी पवन यादव का नाम सामने आया था।पिछले काफी से पुलिस डीएसपी प्रदीप यादव की तलाश में थी।
हरियाणा के हिसार के मिर्जापुर चौक के पास विकास मार्ग वेल फेयर सोसाइटी के दो प्लॉट पर कब्जा करने के मामले में डीएसपी प्रदीप यादव ने सरेंडर कर दिया है।इसके बाद पुलिस ने डीएसपी को अरेस्ट कर लिया है।और प्रदीप यादव को अदालत में पेश किया और अदालत के द्वारा 3 दिन के पुलिस डिमांड पर भेज दिया गया है।इससे पहले तीन आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।आरोपियों के नाम राम अवतार, सुनील और सुरजीत है।
जानकारी के अनुसार आरोपियों से पूछताछ में प्रदीप यादव की भूमिका मिली थी और उसके बाद से ही पुलिस डीएसपी सतीश यादव की तलाश कर रही थी।लेकिन डीएसपी प्रदीप यादव गायब हो गए थे।कब्जे के मामले में ऋषि नगर निवासी आरोपी राज कुमार उर्फ राजा गुर्जर की जमानत याचिका अदालत में खारिश हो चुकी है।उधर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से भी जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया था।आरोपी मौजूदा समय में पंचकूला में तैनात था।
क्या था पूरा मामला
यह मामला 19 जुलाई को सामने आया था।एसडीएम थाना पुलिस ने इस संबंध में 19 जुलाई 2024 को सेक्टर 16 व 17 निवासी की शिकायत धोखा धड़ी से प्लॉट हड़पने का केस दर्ज किया था।पुलिस ने शिकायत के आधार पर राजकुमार उर्फ राजा,मुकेश,राम अवतार और सुरजीत के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस मामले के आरोपी प्रदीप यादव के यहां पुलिस छापा मार चुकी है।
राजा गुर्जर पर याचिका
विकास मार्ग वेलफेयर सोसाइटी के प्लॉट कबजाने के मामले में मुख्य आरोपी राजकुमार उर्फ राजा गुर्जर ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।हाई कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के लिए 5 अगस्त की तारीख निर्धारित की थी। इससे पहले जिला अदालत से आरोपी राजा गुर्जर व डीएसपी प्रदीप यादव की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी थी।
Haryana Police ने लिया डीएसपी प्रदीप यादव को रिमांड पर
पुलिस सीट डीएसपी प्रदीप यादव को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।अब उम्मीद है किखबर तुम्हारी गिरोह का नेटवर्क बेनक़ाब हो सकता है।इससे गिरोह से जुड़े अन्य पुलिस कर्मियों के नाम उजागर होने सहित अन्य सरकारी विभागों की मिली भगत का भी खुलासा होगा।कर्मचारी गृह होने सेक्टर 16 है 17 वासी सतीश सतबीर सिंह के सोसाइटी में दो प्लॉट कब जा रखे थे।और सतवीर सिंह ने पुलिस को शिकायत की थी।